ISSN (Print) - 0012-9976 | ISSN (Online) - 2349-8846

अमेजन की आग से सुलगते सवाल

जेर बोलसोनारो द्वारा जलवायु संकट को खारिज करने और स्वदेशी समुदायों पर हमला करने से संकट और गहरा गया है

 

The translations of EPW Editorials have been made possible by a generous grant from the H T Parekh Foundation, Mumbai. The translations of English-language Editorials into other languages spoken in India is an attempt to engage with a wider, more diverse audience. In case of any discrepancy in the translation, the English-language original will prevail.

 

अमेजन की विशाल जंगलों से खतरनाक धुएं का उठना जारी है। इन जंगलों में 55 लाग वर्ग किलोमीटर का कार्बन सिंक है। जब आग चरम पर थी तो ब्राजील के पूर्वी क्षेत्र के पूरे आसमान में धुआं था। इसी क्षेत्र में देश की अधिकांश आबादी रहती है। ब्राजील की राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान ने कहा है कि 2018 के मुकाबले जंगली आग की घटनाओं में 84 फीसद बढ़ोतरी हुई है। दुनिया में जैव विविधता के मामले में सबसे समृद्ध इस जंगल में आग लगने की 74,000 घटनाएं रिकाॅर्ड की गई हैं। सूखे मौसम में आग अक्सर ही लगते हैं। लेकिन इस साल की आग काफी ज्यादा है। यही वजह है कि वैश्विक स्तर पर इसे लेकर चिंता जताई जा रही है।

अमेजन पर्यावरण शोध संस्थान के वैज्ञानिकों का कहना है कि जिन दस अमेजन निगमों में सबसे अधिक पेड़ों की कटाई हुई थी, उन्हीं जगहों पर सबसे अधिक आग है। ये वैज्ञानिक इस बात को मानने की तैयार नहीं हैं कि 2016 के सूखे की कोई बहुत बड़ी भूमिका इस आग में है। इनका कहना है कि सूखा होने के बावजूद पिछले तीन साल में सबसे अधिक नमी इस साल इस क्षेत्र में है। इन बातों के आधार पर निष्कर्ष निकाला जा रहा है कि जंगलों की कटाई की वजह से आग की घटनाएं बढ़ रही हैं।

ब्राजील के राष्ट्रपति जेर बोलसोनारो न तो पर्यावरण विज्ञान में यकीन करते हैं और न ही जंगलों के संरक्षण में। अगस्त की शुरुआत में ब्राजील की अंतरिक्ष एजेंसी आईएनपीई के प्रमुख रिकाॅडो गलवाओ ने यह चेतावनी दी थी कि ब्राजील में बहुत तेजी से जंगलों की कटाई हो रही है। उन्होंने कहा था कि जून, 2019 में अमेजन के 2,072 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के जंगलों की कटाई हुई। यह क्षेत्र माली देश से अधिक है। बोलसोनारो ने इसे झूठ कहा और गलवाओ को उनके पद से हटा दिया। खनन और कृषि आधारित व्यापार लाॅबी के दबाव में बोलसोनारो ने इंस्टीट्यूट आॅफ रिन्यूएबल्स नैचुरल रिसोर्सेज की फंडिंग 20 फीसदी कम कर दी। बोलसोनारो ने कहा कि इस एजेंसी के लोग बेवजह जुर्माना लगाते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि अमेजन व्यापार के लिए खुला है।

करोबारी लाॅबी अमेजन के मूल वासियों के वहां होने को अपनी राह का रोड़ा मानती है। क्योंकि ये लोग जंगल को उत्पाद में बदलने का विरोध करते हैं। ब्राजील के 1988 के संविधान में इन मूल वासियों के लिए अमेजन के बड़े हिस्सों को चिन्हित किया गया था। ब्राजील की कुल आबादी में इनकी हिस्सेदारी 0.6 फीसदी है। लेकिन बोलसोनारो और उनके समर्थक इनके प्रति हमलावर रुख अपनाए हुए हैं। यवानावा समुदाय के नेता तशाका यवानावा कहते हैं कि अमेजन के मूल वासियों को ‘नरसंहार’ का सामना करना पड़ रहा है।

बोलसोनारो आग के लिए संरक्षण के काम में लगे गैर सरकारी संगठनों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका दावा है कि इन लोगों ने ब्राजील की छवि खराब करने और उनके कारोबार-परस्त एजेंडे को पटरी से उतारने के मकसद से आग लगाई है। हालांकि, इन दावों के पक्ष में उनके पास कोई साक्ष्य नहीं हैं।

अगस्त के आखिरी दो हफ्तों में बोलसोनारो को लेकर गुस्सा फूटता दिखा। रियो डी जेनेरियो और साओ पोलो में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किए। इनमें ये कहा गया कि अमेजन आम लोगों का है और अमेजन रहेगा, बोलसोनारो जाएगा। बोलसोनारो की लोकप्रियता भी घटी है। ऐसी एक रेटिंग में 39.5 फीसदी लोगों ने उनकी सरकार को बुरा बताया। वहीं बोलसोनारो की व्यक्तिगत लोकप्रियता भी जनवरी, 2019 के 38.9 फीसदी के मुकाबले घटकर 29.4 फीसदी पर आ गई। अमेजन की जंगलोंकी आग, बोलसोनारो के अवैज्ञानिक बयान और विरोध प्रदर्शनों ने सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है।

स्थितियां तब और खराब हो गईं जब यूरोप ने बोलसोनारो की सीधी आलोचना शुरू कर दी। यूरोप के किसानों ने यूरोपीय संघ पर ब्राजील के बीफ का आयात रोकने का दबाव बनाया। इससे यह खतरा पैदा हुआ कि यूरोप मरक्यूसर समझौते से बाहर निकल सकता है। इसमें अर्जेंटिना, ब्राजील, पराग्वे, उरुग्वे और वेनुजुएला शामिल हैं। बोलसोनारो ब्राजील को विकसित देशों के समूह ओईसीडी में शामिल कराना चाहते थे लेकिन अब यह मुश्किल लग रहा है।

फ्रांस में जी7 की बैठक में अमेजन की संकट पर चर्चा के लिए एक अलग सत्र रखा गया था। इसमें बोलसोनारो से नजदीकी रखने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप नहीं शामिल हुए। जी7 ने इस आग से लड़ने के लिए 2 करोड़ डाॅलर देने की घोषणा की। हालांकि, यह छोटी रकम है। बोलसोनारो ने इसे अमेजन पर हमला बताकर लेने से मना कर दिया। लेकिन दबाव की वजह से उन्होंने सेना को भेजकर पर आग को काबू में करने की कोशिश शुरू कर दी।

इस बीच ब्राजील की आग बोलिविया तक पहुंच गई है। यहां के राष्ट्रपति इवो मोराल्स ने एक सुपर टैंकर के जरिए इस पर काबू पाने की कोशिश की। बोलिविया में प्रकृति को इंसानों के बराबर के अधिकार हैं। एक ही घटना से निपटने में इन दो देशों के रवैये के इस भारी फर्क से पता चलता है कि कैसे सरकार के राजनीतिक और वैचारिक सोच से किसी आपदा से निपटने के तौर-तरीके तय होते हैं। इसलिए अमेजन को बचाने का काम एक न्यायपूर्ण और सही सामाजिक-राजनीतिक व्यवस्था स्थापित करने के लक्ष्य से अलग करके नहीं देखा जा सकता।

 
 

Comments

(-) Hide

EPW looks forward to your comments. Please note that comments are moderated as per our comments policy. They may take some time to appear. A comment, if suitable, may be selected for publication in the Letters pages of EPW.

Back to Top